हमारे पूर्वज कौन थे ??

आज हम बात करेंगे अपने भूतकाल की और थोड़े बहुत इतिहास की | हमारे भूतकाल में कुछ तो ऐसा था जो हमें आज तक पता नहीं है, या फिर अगर पता भी है तो इतना ज्यादा नहीं की हम निश्चिन्त होकर कह सके की हारे पूर्वज कौन थे | और इसके भी आगे हमारे उन पूर्वजो का इतिहास जिनको हम भगवान् के रूप में भी जानते है | उनमे भी कुछ ऐसे है जिनको हम जानते है और कुछ ऐसे जिनको हम नहीं जानते | लेकिन हमें इतना तो विशवास है की वो यहाँ आये थे और कही न कही से वो हमपर नज़र रखे हुए है | और शायद ऐसा भी हो सकता है की वो अब भी यहाँ आते हो और इंसानो के संपर्क में भी हो |

लेकिन सोचने वाली बात ये है की वो धरती पे कैसे आते होंगे ? अगर हम पुराणी कहानियो पे विशवास करे तो वे अपने किसी यान पे आते थे | यह यान किसी हवाई जहाज के आकार से लेकर किसी चिड़िया या पक्षी के आकार का भी हो सकता था |

हमें ऐसा लगता है की हमारे भूतकाल में कुछ नहीं था , लोगो को ज्यादा जानकारी नहीं थी , लोगो के पास काम करने के लिए मशीन नै थी , और लोग छोटे छोटे घरो में रहा करते थे | लेकिन ऐसा नहीं है क्योंकि पहले के लोग हमसे ज्यादा विकसित थे | उस समय भी टेक्नोलॉजी और विज्ञान अपने चरम पे थे | लोगो ने बहुत अलग अलग तरह के आविष्कार किये थे | जानकारी का खज़ाना बहुत बड़ा था जिसमे से हमें बस थोड़ा सा हे पता है | या फिर शायद कुछ भी नहीं पता है |

हमारे पुरातत्व में कुछ तो है, जिसे सही से समझा नहीं गया है | शायद ढूंढ़ने वालो ने अपने दिमाग को सही से खोला नहीं है , या खोलना नहीं चाहते | आज भी बहुत कुछ ऐसा मिलता है जिसके बारे में हम सोच भी नहीं सकते| जैसे इलेक्ट्रिक बैटरी, जो की बहुत साल पुराणी है, ऐसे अजनबी लोग जो धरती के नहीं लगते | पुराणी चट्टानों पे स्पेस सूट पहने हुए लोग , पुराणी गणनाये जो की आज के समय में बस कंप्यूटर ही हल कर सकते है | सोचने वाली बात यह है की कैसे इन पुराने लोगो इस तरह की टेक्नोलॉजी बनाई? इतना सब मिलते हुए भी और जानते हुए भी ना जाने कितनी बार हारे पुरातत्व विभाग ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया |

और अगर अपने धर्म में देखा जाये तो एक जो बात सबमे सामान है वो है मोक्ष, और हमारे भगवान् मोक्ष की बात करते है, शान्ति की बात करते है, मुक्ति की बात करते है, सभ्यता की बात करते है और रक्षा की बात करते है , लेकिन इतना सबके बाद भी भगवानो में कितने ही युद्ध हुए जिसमे न जाने कितने लोग मारे गए होंगे , और आज के युग से भी ज्यादा खतरनाक हथियारों का प्रयोग किया गया, ऐसा क्यों हुआ , इसका कारण तो ढूंढ़ना ही चाहिए और आज वो हथियार कहा पर है?

आज हम खुद से ज्यादा दूसरो की विचारधारा से प्रभावित है और हमारी खुद की सोच कही खो चुकी है| हमारा भूतकाल एक ऐसा ज्ञान है जो शायद अभी तक किसी पुरानी लाइब्रेरी में पड़ा साद रहा है उसे बाहर निकलने की जरूरत है , और इसलिए शायद ये सब अभी तक किसी इंटरनेट वेबसाइट पर भी नहीं है |

अब तो हम चाँद पर भी कदम रख चुके है , और मंगल गृह हमारा अगला मिशन है | और किसी दुसरे गृह पर जाने के लिए हमें यान की जरूरत पड़ती है | क्या ऐसा नहीं लगता की ये सब उन घटनाओ से मिलता जुलता है, जो हमने अपनी कहानिओ में पड़ी है, जिसमे की हमारे देवता यान में बैठ कर धरती पे आते थे और वापस चले जाते थे | आज यूट्यूब जैसे वेबसाइट ऐसे लाखो वीडियो से भरी पड़ी है जिसमे एलियन और उड़नतश्तरी दिखाई देती है, हो सकता है की वो झूठ हो, लेकिन लाखो वीडियो में से एक तो सच होगा?

आज हमें वापस सोचना होगा गहराई से की अगर कोई जगह किसी कहानी में बताई गयी है , आज वह क्या है और किस कारण से वो बर्बाद या आबाद हुई है ? हमें यह भी पता लगाने की ज़रुरत की जिन देवताओ की हम कहाणीआ सुनते है क्या वो सिर्फ कहानी है या सच ?

हमारे पूर्वजो ने हमारे लिए वो सारे सबूत चोदे है जिनसे हम सच पता लगा सके| आज हम अंतरिक्ष जाने की बात करते है, आज से २०० साल पहले क्या कोई सोच सकता था की हम अंतरिक्ष में जा सकते है और वो भी ऐसे यान से जो सिर्फ हमने कहानिओ में पड़ा है| हिन्दू धर्मग्रंथो में तो उड़ने वाले विमानों के बारे में साफ़ साफ़ लिखा है | और ऐसे और भी दुसरे टेक्नोलॉजी के बारे में लिखा है जो अभी तो बानी नहीं है | लेकिन इतना होते हुए भी हमारे लिए यह सब कहानी से ज्यादा और कुछ नहीं है |

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