इन्टरनेट

इन्टरनेट जिसे हम एक टेक्नोलॉजी की तरह देखते है , लेकिन यह एक टेक्नोलॉजी न होकर एक तरह का आधार है , तारो का जाल है, जो जमीन से लेकर समुद्र के बीच फैला हुआ है | और इस तरह से इसने बहुत से मशीन्स, कंप्यूटर और मोबाइल्स को आपस में जोड़ा हुआ है | यह एक ऐसा जाल है जिसके बिना आज के जीवन की कल्पना करना मुश्किल है |


इन्टरनेट का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है , यह शीत युद्ध के समय की बात है जब अमरीका अपने संचार माध्यमो को विकसित करने में लगा हुआ था , और उसी समय रूस ने sputnik सॅटॅलाइट भी लांच किया था, जो की इंसान के द्वारा बनाया हुआ पहला सॅटॅलाइट था जो पृथ्वी के चक्कर लगा सकता था | इसी कारण से अमरीका ने अपने नेटवर्क और संचार माध्यम पे काम करना चालू किया, अमरीका का मकसद एक ऐसा सुरक्षित संचार माध्यम बनाना था जो की किसी आपदा में भी काम करता रहे |

और इसी तरह से एक कंप्यूटर नेटवर्क अस्तित्व में आया जो की packet switching के तरीके पे काम करता था , जिसमे डाटा अलग मशीन में जाने से पहले छोटे टुकड़ो में टूट जाता था और मशीन में पहुँच के आपस में जुड़ जाता था | इस तकनीक पे सबसे पहला कंप्यूटर नेटवर्क था ARPANET जिसने अपना काम 1969 में चालू किया और शुरुआत में अमरीका की कुछ छोटी बड़ी यूनिवर्सिटी इस नेटवर्क से आपस में जुडी |


इसके बाद ARPANET बहुत ही जल्दी और बहुत ज्यादा इलाको में फैला, इसीके द्वारा सबसे पहला ईमेल 1971 में भेजा गया | 1973 कुछ 40 से ज्यादा कंप्यूटर को आपस में जोड़ा गया और उनके बीच में फाइल्स भेजी गयी , इसे करने के लिए एक नया तरीका बनाया गया जिसे "FTP - File Transfer Protocol " कहा गया | इसके पहले इन्टरनेट को इन्टरनेट के नाम से नहीं जाना जाता था ये सिर्फ एक नेटवर्क कहलाता था|

दिसम्बर 1974 में विंटन सर्फ, योगेन दलाल और कार्ल सनशाइन ने अपने एक आर्टिकल में इन्टरनेट शब्द का इस्तेमाल किया | इस आर्टिकल में उन्होंने बताया की किस तरह से इन्टरनेट के जरिये दुसरे लोगो से जुड़ा जा सकता है , कैसे अपने डाक्यूमेंट्स जल्दी से जल्दी एक से दूसरी जगह पर भेजे जा सकते है | इन्होंने 1974 में अपने एक आर्टिकल में दो आईडिया के बारे में बताया जो बाद में इन्टरनेट के लिए मील का पथ्थर साबित हुए, IP - Internet Protocol और TCP - Transmission control Protocol , इस तरह से इन्होंने बताया की कैसे इन दो तकनीक को इस्तेमाल करके डाटा को और बेहतर तरीके से अलग अलग मशीन में भेजा जा सकता है |


आने वाले सालो में TCP को इस्तेमाल करके बहुत सी मशीनों को आपस में जोड़ा गया और इस तरह से इस नयी तकनीक ने पुराने ARPANET सिस्टम को बदल दिया जो की पुराने data packet के तरीके पर काम करता था | इसके बाद अमरीका की साइंस फाउंडेशन ने अपनी यूनिवर्सिटी और कॉलेज को आपस में जोड़ने के लिए इसी नेटवर्क का सहारा लिया| और इस तरह से 1980 में पहला प्राइवेट ISP - Internet Service Provider को इन्टरनेट के लिए लाइसेंस दिया गया , और तब इन्टरनेट को आम जनता के लिए खोल दिया गया था | और इस तरह से जानकारी को एक दुसरे से साझा किया जाने लगा, फिर चाहे वो फाइल्स हो, इमेल्स हो या फिर ऑडियो और विडियो हो | 1989 में इसमें और बदलाव आये जब टीम बेर्नेर्स ने WWW - World Wide Web कांसेप्ट को दुनिया के सामने लाया , जिसमे एक कॉमन पेज को किसी एक कंप्यूटर पर रख के उसमे जानकारी दाल कर किसी को भी दिखाया जा सकता था | एक अनुमान के मुताबिक 2010 तक 2 बिलियन से ज्यादा लोग इन्टरनेट से जुड़ चुके थे |


वर्ल्ड वाइड वेब एक महान आविष्कार साबित हुआ, आज जो हम वेबसाइट को इस्तेमाल करते है , उसमे वर्ल्ड वाइड वेब का बहुत योगदान है, चाहे कुछ पढ़ना हो विडियो देखना हो, ऑनलाइन काम करना हो , मेल भेजनी हो, सभी में यह बहुत काम का है | इन्टरनेट को इस्तेमाल करने के लिए इसकी आधारिक संरचना को एक बेहतर रख रखाव की ज़रुरत है, अलग अलग देशो को इसमें भाग लेने की ज़रुरत है , तभी इसका एक बढ़िया स्वरुप सामने आ पायेगा |

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